तेरा चेहरा..!

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आंसू का एक क़तरा,
आँखोंसे आज उतरा,
याद आया जो, तेरा चेहरा..!

नजरोंसे जो ओझल हैं तू,
संगरीसी, बोझल हैं तू!
अह्सासोंका बादल हैं तू,
दर्दसे भी चंचल हैं तू!
नजरोंके अह्सासोंका बादल आज पिघला,
याद आया जो, तेरा चेहरा..!

ग़मकी भी होती हैं एक खुशबू,
सूँघता हूँ अब तो मैं हरसू!
तेरी इक-इक सदाको मैं तरसू,
अपनीही आँखोंसे अब मैं बरसू!
ग़म ही की बाँटें खुशबू तेरा सूखा-सूखा गजरा,
याद आया जो, तेरा चेहरा..!

© विक्रम.
 

Comments

2 responses to “तेरा चेहरा..!”

    1. विक्रम Avatar

      🙂
      Thank you Waghoba!!

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